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एक पोर्न स्टार से और उम्मीद भी क्या थी

Posted On: 5 Feb, 2013 में

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यह गलती उनकी नहीं हमारी है. हमारा ससमाज अंदरूनी मसलों, जैसे प्रेम संबंध, जाति प्रथा आदि, के प्रति खुद को जितना सख्त दर्शाता है उतना ही लचीला और असहाय यह तब लगने लगता है जब बात बाहरी हस्तक्षेप की होती है. हाल ही में दिल्ली के महिपालपुर इलाके में गैंग रेप की जिस घटना ने पूरे देश यहां तक कि पुलिसिया तंत्र को भी हिला कर रख दिया वह पोर्न स्टार सनी लियोन, जिन्हें भारत में पैर रखते ही हम, आप सभी ने अपने सिर पर बैठा लिया, का कहना है कि ऐसी घटनाओं के प्रति शोर-शराबा करने की क्या जरूरत है, रेप तो बस सरप्राइज सेक्स की तरह है, उसे अपराध की श्रेणी में नहीं रखा जाना चाहिए.


आखिरकार पोर्न स्टार सनी लियोन ने अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए अपनी मानसिकता का परिचय दे ही दिया. उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि वह कभी भारतीय समाज में ना तो एडजस्ट हो सकती है और ना ही भारतीय लोगों की भावनाओं की कद्र कर सकती हैं.


सरप्राइज सेक्स !!! इतने घिनौने काम को सरप्राइज सेक्स!!!


सुनकर शायद किसी के भी होश उड़ जाए कि एक सिलेब्रिटी, पब्लिक फिगर होने के बावजूद सनी लियोन यह घटिया बयान कैसे दे सकती हैं?


वैसे देखा जाए तो गलती उनकी भी नहीं है, क्योंकि वह जिस पृष्ठभूमि से आई हैं वहां तो रेप जैसी चीजे होती ही नहीं हैं. वहां तो सब कुछ मनमर्जी से किया जाता है. सनी के लिए रेप की अवधारणा इसीलिए भी फिजूल है क्योंकि वह तो किसी के भी साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए तैयार हैं बशर्ते इसके एवज में उन्हें अच्छी खासी रकम चुकाई जाए.


वह जब पुरुषों के साथ संबंध बनाती हैं तो उसे पोर्न एक्ट के तहत शूट कर पैसे कमाए जाते हैं वह भले ही खुद को पोर्न स्टार कहती हो लेकिन भारतीय परिवेश में यह बेहद घृणित और निकृष्ट व्यवसाय ही है. सनी लियोन को शायद पेड सेक्स और फोर्स्ड सेक्स के बीच कोई अंतर नजर नहीं आता.


एक आम लड़की अपनी आबरू, अपनी इज्जत को साथ लेकर घर से बाहर निकलती है, उसे शायद इस बात का अहसास तक नहीं होता कि उसके ऊपर कुछ हैवान अपनी नजरें दिखाए बैठे हैं. लेकिन जब दुर्भायवश वह किसी अप्रिय घटना का शिकार हो जाती है तो आप, मैं या फिर कोई भी और व्यक्ति उसके दर्द का अहसास तक नहीं कर सकता.


एक छोटे से ट्वीट ने उस जन सैलाब को आहत कर दिया जो गैंग रेप की घटना के बाद एकसाथ होकर आगे आया है. उन भावनाओं को क्षतिग्रस्त कर दिया जो उस मासूम पीड़िता के लिए जागी थीं. लेकिन हम पर तो शायद ग्लैमर और सनी लियोन की खूबसूरती का रंग कुछ ऐसा चढ़ गया है कि उसके आगे कुछ नजर ही नहीं आएगा. ना उनका पेशा, ना उनकी स्टेटमेंट्स और ना ही भारतीय महिलाओं पर उनके यहां होने का क्या असर पड़ रहा है, या पड़ सकता है वो. हम तो मूकदर्शक है और मूक ही बैठे देखते रहेंगे.




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7 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Ashutosh Shukla के द्वारा
March 16, 2014

शब्दों को समर्थन है तमन्ना जी… http://ashutoshshukla.jagranjunction.com/

aman kumar के द्वारा
March 11, 2013

ये हमारे समाज का पतन ही था जो सनी लीओन को सर आँखों पर बिठाया और अब वो उलटे सीधे बयान देकर खबरों मे बनी रहेंगी ……… उस बारे बात करना उसकी मनसा को पूर्ण करना है | आपका लेख समाचीन है !Permalink: http://amankumaradvo.jagranjunction.com/?p=71

Mohinder Kumar के द्वारा
February 8, 2013

तमन्ना जी, प्रत्येक व्यक्ति की राय उस परिवेश से जन्म लेती है जिसमें वह रहता है. जो सनी लियोन के लिये एक साधारण बात है वह हमारे समाज में घोर अपराध. परन्तु अपराध करने वाले भी तो हमारे समाज का अंग हैं और वह सनी लियोन से अधिक नग्न और नफ़रत के लायक हैं. जो मिडिया (अखबार) सूर्खियों में यह खवरें छापते हैं… उन्हें उठा कर देख लीजिये… आधे से अधिक अखबार अर्धनग्न चित्रों से भरा होता है जिसमें सभ्य कहलाये जाने वाले सिलीब्रिटी भी होते हैं. चूल मूल परिवर्तन के लिये शूरुआत घर से कर के समाज तक लानी होगी और आने वाली पीढियों में संसकार जगाने होंगे. सार्थक लेख के लिये बधाई… लिखती रहिये.

SATYA SHEEL AGRAWAL के द्वारा
February 8, 2013

तम्मन्ना जी,जिस प्रकार से अपने बेबाक टिप्पड़ी कर समाज को जागरूक करने का प्रयास किया है वास्तव में हमारे लिए गर्व की बात है.सनी जैसे को स्टार बनाना हमारी मानसिकता के दिवालिये पन का प्रतीक है.बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति के लिए बधाई.

chaatak के द्वारा
February 7, 2013

मुझे तो आश्चर्य होता है इंडियन मीडिया पर जो बिना बात के बतंगड़ गढ़ने की माहिर हैं ये अच्छे राजनीतिज्ञों और समाजसेवकों पर कुठाराघात करती हैं और दूसरी तरफ वेश्याओं को पोर्न और हॉट कलाकार कहकर पूरे समाज को बलात्कारी बनाने की कक्षाये उपलब्ध कराते हैं| एक दुष्कर्म-व्यवसाई ने क्या कहा इसे तरजीह देना और उसका प्रचार करना कमसे कम मुझ जैसी पिछड़ी मानसिकता वाले व्यक्ति की समझ से तो बाहर है| आपके विचार जानकर प्रसन्नता हुई|

Rajesh Dubey के द्वारा
February 6, 2013

चर्चा में रहने के लिए ये कुछ भी कह सकती है. कहीं भी कपडे खोल सकती है. ऐसे लोगों से समाज को कुछ मिलना नहीं है. ये लोग परजीवी हैं.

krishhan के द्वारा
February 5, 2013

जिस समाज में हर दूसरी,तीसरी बात(मुख्यतःउत्तेजक वार्तालाप) में गाली का प्रयोग होता है जो किसी न किसी प्रकार, किसी महिला से यौन दुर्व्यवहार को व्यक्त करता है उस समाज में पोर्न स्टार के व्यक्तव्य पर प्रतिक्रिया की जरूरत गैर वाजिब है गर जरूरत है तो समाज की अपनी सोच बदलने की,समाज की खुद की जिम्मेदारी तय करने की.


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